Curruption is an National Problem

आज कल एक चरित्रहीन नेहरु का वंशज बबलू जी बहुत चहक बहक रहा है उत्तर प्रदेश में,जी हाँ वोही राजीव खान रोबोर्टो नकली गाँधी का लड़का, फिरोज खान का पौता , नेहरु की लड़की इन्द्रा का पौता ,जी हाँ हम बात कर रहे हैं एक ऐसे नालायक की जो इटली की पैदाइश है और विदेश में पढ़ा है असली पढाई 12 वीं झूठी पढाई एम् फिल और सुनने में ये भी आया है की ये युवा है वो भी 41 साल का इसका असली नाम रौल विन्ची है और इसे अंग्रेजों वाला एक शोक भी है मर्दों से रिश्ते बनाने का कहने का मतलब की गे (Gay) प्रवृति का व्यक्ति , ऊपर के रिश्तों से ये साबित होता है की गाँधी तो ये हो नहीं सकता क्योंकि गाँधी जी के बच्चों का नाम था हरिलाल,मणिलाल,रामदास,देवदा
स इनमे से कोई भी आज ना तो संसद में नज़र आता है और न ही ये झूठा राहुल गाँधी किसी का सगा सम्बन्धी फिर ये क्या चरित्रहीन नेहरु के वंशज हमपर राज कर रहे हैं ? या भारत के कुछ तथाकथित नेहरु ख़ानदान के चाटुकारों ने इन्हें गाँधी नाम का आताक्षण दे रखा है ??

जी हाँ नेहरु नाम का एक चरित्रहीन व्यक्ति जो अंग्रेजों का चाटुकार था और उसने सत्ता के लालच में और अंग्रेजों के साथ आई विदेशी महिलाओं से रिश्ते बनाने के लालच में देश को ट्रांसफर ऑफ़ पॉवर नाम का एक समझोता दे दिया जिसे हम आज तक झेल रहे हैं , फिर इनकी कुपुत्री इन्द्रा खान झूठी गाँधी जिसने फिरोज खान से शादी की और गाँधी जी ने फ़िरोज़ को अपना नाम सिर्फ दान में दिया कोई खून का रिश्ता नहीं था इन्द्रा गाँधी ने देश अपने खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने के लिए देश को आपातकाल के दिन दिखाए उसके बाद भ्रष्टाचार और काला धन छुपाने में राजीव खान उर्फ़ शादी के बाद धर्म परिवर्तन करने बाद का नाम राजीव रोबोर्टो इटली नाम फिर भारत में वही गाँधी जी का नाम का इस्तेमाल क्योंकि नेहरु खानदान शुरू से ही धोखेबाज रहा है उसने गाँधी नाम के आरक्षण का खूब फायदा उठाया ,

राजीव खान रोबोर्टो गाँधी आज से 20 ,21 साल पहले चीख चीख कर बोला करते थे की भारत में भ्रष्टाचार इतना फेल चुका है की (01 रुपया) एक रुपया आम इंसान के पास पहुँचते पहुँचते मात्र 15पैसे बचता है बाकी के 85 पैसे भ्रष्टाचार में जाता है इधर उधर खाया जाता है ,और शायद ये बात कहने वाला राजीव ही वो 85 पैसे गरीबों के खा कर अपने विदेशी बैंक खतों में जमा करता था , उस समय की एक घटना सामने आ गई की राजीव खान गाँधी के ही स्विस बैंक में एक लाख अठानवे हज़ार करोड़ रूपये (1,98 ,000 )रूपये जमा थे नीचे की तस्वीर सच्ची है इसे झूठ ना माने इसमें सद्दाम हुसेन भी है , और अभी संसद में भी इसकी चर्चा हुई थे ,माननीय श्री राम जेठ मनाली जी ने राज्यसभा में खुले शब्दों में कहा था की मुझे दुःख है इस बात का की भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री के भी लाखों करोड़ों रूपये विदेशी बैंकों में जमा है !

और आज बबलू उर्फ़ रौल विन्ची उर्फ़ राहुल खान रोबोर्टो नकली गाँधी भी उत्तर प्रदेश में चीख चीख कर बोल रहे है , यू .पी वालों क्यों भीख माँगते हो , मुझे घुस्सा आता है ये सब देख कर भ्रष्टाचार वगेरह वगेरह ,

फिर हम कहते की हरामखोर नेहरु के वंशज साले तेरी चौथी पीढ़ी सत्ता में क्या आचार डाल रही है इन 64 सालों में गाँधी का नाम इस्तेमाल करने और देश को लूटने के अलावा तुमने देश के लिए किया क्या सारी विकास योजनायें तुम्हारे नाम से और विकास कहीं नज़र नहीं आता,

हाँ एक जगह विकास जरुर हुआ है तुम्हारे विदेशों में जमा काले धन के खतों में , 20 साल पहले तक तुम्हारा बाप भ्रष्टाचार मिटा रहा था पर कोई ऐसा कठोर कानून अभी तक नहीं बना जबकि तुम्हरी इटली वाली मम्मी ने इस देश की स्तिथियाँ आपातकाल के समय से देखि हैं , और आज भी वो भारत की सबसे भ्रष्ट पार्टी कांग्रेस की अध्यक्ष हैं फिर किस मुँह से तुम वोट मांग रहे हो ,

42 साल से ऊपर हो गए आजतक लोकपाल बिल पास नहीं हुआ जबकि पहली बार जब लोकपाल बिल संसद में आया था तब से अब तक भ्रष्ट कांग्रेस का ही राज रहा है और आज भी केंद्र में कांग्रेस ही है फिर क्यों नहीं लोकपाल को पास करके और विदेशों में जमा काले धन को देश में वापस ला कर देश के हीरो बन जाते !

अगर तुम ऐसा कर देते हो तो हम सब तुम्हारे एहसान मंद होंगे और जन्मों जन्मों तक तुम्हे याद किया जायेगा ,

पर तुम क्यों ऐसा करने लगे तुम्हारे तो खून में ही गद्दारी भ्रष्टाचार और देशद्रोहिता फूट फूट कर भरी हुई है फिर तुम क्यों करने लगे ऐसा , अपने गले में क्यों कोई फाँसी का फन्दा डालेगा वो ही हाल है नेहरु खानदान का और कांग्रेस का ये इन्होने सिर्फ देश को लूटने के लिए ही जन्म लिया है इस पवित्र धरती पर और हमें ये बात कहने में कोई हर्ज़ नहीं है की ये आज के काले अंग्रेज हैं !


कांग्रेस हटाओ काला धन देश में वापस लाओ , कांग्रेस हटाओ मजबूत लोकपाल बिल पास कराओ , कांग्रेस हटाओ भारत को महँगाई ,गरीबी ,भ्रष्टाचार , मिलावटखोरी , आतंकी हमलों से बचाओ , कांग्रेस हटाओ धर्म संस्कृति बचाओ देश को समृद्ध खुशहाल बनाओ !

प्राचीन काल की भारतीय मुद्रा चन्द्र गुप्ता मौर्या जी अपने घोड़े पर सवार !

प्राचीन काल की भारतीय मुद्रा चन्द्र गुप्ता मौर्या जी अपने घोड़े पर सवार !

Ghotala of 400 lac crore....

सोनिया के बाद सबसे बड़ा चोर की औलाद मनमोहन सिंह, इसने तो शरद पँवार को भी पीछे छोड़ दिया| भारत और सिक्ख धर्म पर कलंक हरामखोर मनमोहन सिंह|
देश का सबसे महाघोटालेबाज़ और कोई नहीं खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह है जिसे लोग इमानदार कहते है.......
अगर 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला देश के सभी घोटालों की जननी है तो आज जिस घोटाले का चौथी दुनिया पर्दाफाश कर रहा है, वह देश में हुए अब तक के सभी घोटालों का पितामह है. चौथी दुनिया आपको अब तक के सबसे बड़े घोटाले से रूबरू करा रहा है. देश में कोयला आवंटन के नाम पर करीब 26 लाख करोड़ रुपये की लूट हुई है. सबसे बड़ी बात है कि यह घोटाला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही नहीं, उन्हीं के मंत्रालय में हुआ. यह है कोयला घोटाला. कोयले को काला सोना कहा जाता है, काला हीरा कहा जाता है, लेकिन सरकार ने इस हीरे का बंदरबांट कर डाला और अपने प्रिय-चहेते पूंजीपतियों एवं दलालों को मुफ्त ही दे दिया. आइए देखें, इतिहास की सबसे बड़ी लूट की पूरी कहानी क्या है.
सबसे पहले समझने की बात यह है कि देश में कोयला उत्खनन के संबंध में सरकारी रवैया क्या रहा है. 1973 में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने दिखाते हुए देश में कोयले का उत्खनन निजी क्षेत्र से निकाल लिया और इस एकाधिकार को सरकार के अधीन कर दिया.
मतलब इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया. शायद इसी कारण देश में कोयले का उत्पादन दिनोंदिन बढ़ता गया. आज यह 70 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर लगभग 493 (2009) मिलियन मीट्रिक टन हो गया है. सरकार द्वारा कोयले के उत्खनन और विपणन का एकाधिकार कोल इंडिया लिमिटेड को दे दिया गया है. इस कारण अब कोयला नोटिफाइड रेट पर उपलब्ध है, जिससे कोयले की कालाबाज़ारी पर बहुत हद तक नियंत्रण पा लिया गया. लेकिन कैप्टिव ब्लॉक (कोयले का संशोधित क्षेत्र) के नाम पर कोयले को निजी क्षेत्र के लिए खोलने की सरकारी नीति से इसे बहुत बड़ा धक्का पहुंचा और यह काम यूपीए सरकार की अगुवाई में हुआ है.
सबसे बड़ी बात है कि यह घोटाला सरकारी फाइलों में दर्ज है और सरकार के ही आंकड़े चीख-चीखकर कह रहे हैं कि देश के साथ एक बार फिर बहुत बड़ा धोखा हुआ है. यह बात है 2006-2007 की, जब शिबू सोरेन जेल में थे और प्रधानमंत्री ख़ुद ही कोयला मंत्री थे. इस काल में दासी नारायण और संतोष बागडोदिया राज्यमंत्री थे. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोयले के संशोधित क्षेत्रों को निजी क्षेत्र में सबसे अधिक तेजी से बांटा गया. सबसे बड़ी बात यह है कि ये कोयले की खानें सिर्फ 100 रुपये प्रति टन की खनिज रॉयल्टी के एवज़ में बांट दी गईं. ऐसा तब किया गया, जब कोयले का बाज़ार मूल्य 1800 से 2000 रुपये प्रति टन के ऊपर था. जब संसद में इस बात को लेकर कुछ सांसदों ने हंगामा किया,
तब शर्मसार होकर सरकार ने कहा कि माइंस और मिनरल (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 में संशोधन किया जाएगा और तब तक कोई भी कोयला खदान आवंटित नहीं की जाएगी. 2006 में यह बिल राज्यसभा में पेश किया गया और यह माना गया कि जब तक दोनों सदन इसे मंजूरी नहीं दे देते और यह बिल पास नहीं हो जाता, तब तक कोई भी कोयला खदान आवंटित नहीं की जाएगी. लेकिन यह विधेयक चार साल तक लोकसभा में जानबूझ कर लंबित रखा गया और 2010 में ही यह क़ानून में तब्दील हो पाया. इस दरम्यान संसद में किए गए वादे से सरकार मुकर गई और कोयले के ब्लॉक बांटने का गोरखधंधा चलता रहा. असल में इस विधेयक को लंबित रखने की राजनीति बहुत गहरी थी. इस विधेयक में साफ़-साफ़ लिखा था कि कोयले या किसी भी खनिज की खदानों के लिए सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. अगर यह विधेयक लंबित न रहता तो सरकार अपने चहेतों को मुफ्त कोयला कैसे बांट पाती. इस समयावधि में लगभग 21.69 बिलियन टन कोयले के उत्पादन क्षमता वाली खदानें निजी क्षेत्र के दलालों और पूंजीपतियों को मुफ्त दे दी गईं. इस दरम्यान प्रधानमंत्री भी कोयला मंत्री रहे और सबसे आश्चर्य की बात यह है कि उन्हीं के नीचे सबसे अधिक कोयले के ब्लॉक बांटे गए. ऐसा क्यों हुआ? प्रधानमंत्री ने हद कर दी, जब उन्होंने कुल 63 ब्लॉक बांट दिए. इन चार सालों में लगभग 175 ब्लॉक आनन-फानन में पूंजीपतियों और दलालों को मुफ्त में दे दिए गए
वैसे बाहर से देखने में इस घोटाले की असलियत सामने नहीं आती, इसलिए चौथी दुनिया ने पता लगाने की कोशिश की कि इस घोटाले से देश को कितना घाटा हुआ है. जो परिणाम सामने आया, वह स्तब्ध कर देने वाला है. दरअसल निजी क्षेत्र में कैप्टिव (संशोधित) ब्लॉक देने का काम 1993 से शुरू किया गया. कहने को ऐसा इसलिए किया गया कि कुछ कोयला खदानें खनन की दृष्टि से सरकार के लिए आर्थिक रूप से कठिन कार्य सिद्ध होंगी. इसलिए उन्हें निजी क्षेत्र में देने की ठान ली गई. ऐसा कहा गया कि मुना़फे की लालसा में निजी उपक्रम इन दूरदराज़ की और कठिन खदानों को विकसित कर लेंगे तथा देश के कोयला उत्पादन में वृद्धि हो जाएगी. 1993 से लेकर 2010 तक 208 कोयले के ब्लॉक बांटे गए, जो कि 49.07 बिलियन टन कोयला था. इनमें से 113 ब्लॉक निजी क्षेत्र में 184 निजी कंपनियों को दिए गए, जो कि 21.69 बिलियन टन कोयला था. अगर बाज़ार मूल्य पर इसका आकलन किया जाए तो 2500 रुपये प्रति टन के हिसाब से इस कोयले का मूल्य 5,382,830.50 करोड़ रुपये निकलता है. अगर इसमें से 1250 रुपये प्रति टन काट दिया जाए, यह मानकर कि 850 रुपये उत्पादन की क़ीमत है और 400 रुपये मुनाफ़ा, तो भी देश को लगभग 26 लाख करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हुआ. तो यह हुआ घोटालों का बाप. आज तक के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला और शायद दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला होने का गौरव भी इसे ही मिलेगा. तहक़ीक़ात के दौरान चौथी दुनिया को कुछ ऐसे दस्तावेज हाथ लगे, जो चौंकाने वाले खुलासे कर रहे थे. इन दस्तावेजों से पता चलता है कि इस घोटाले की जानकारी सीएजी (कैग) को भी —\

Ramdev's Family..

अच्छी तरह देख लो ये घर है बाबा रामदेव जी का और ये उनका परिवार है हाँ हाँ ये हरियाणा के अलीपुर महेंदरगढ़ में रह रहे हैं जहाँ कभी परम पूज्य स्वामी रामदेव जी रहा करते थे ,

बाबा जी तो पूरे भारत को स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिए निकल गए और अब वो अपना सन्यासी जीवन जी रहे हैं और राष्ट्रसेवा करके अपना राष्ट्रधर्म निभा रहे हैं ,

कुछ तथाकथित देश के गद्दार और भारतीय संस्कृति के खिलाफ कार्य करने वाले मीडिया कर्मी बाबा जी के बारे में बहुत बड़ी बड़ी अफवाह उड़ाते हैं पर अगर आप को कोई शक या शंका हो बाबा जी बारे में तो आप भी उनके घर महेंदरगढ़ हरियाणा जा कर देख सकते हैं !

रही बात पतंजलि की तो बिना वहाँ जाए आप बाबा जी और श्रध्य आचार्य बालकिशन जी का पुरुषार्थ नहीं जान सकते की उन्होंने लोगों के लिए वहाँ किस किस प्रकार की निशुल्क व्यवस्था करवा रखी है ! एक बार पतंजलि योगपीठ अवश्य जायें और देखें की कितना साधारण और तपस्या भरा है वहाँ के लोगों का जीवन !

वन्देमातरम !!

Swami Vivekananda...

क्या आप युवा हैं ? युवा वह है

01 . जो अनीति से लड़ता है !

02 . जो दुर्गुणों से दूर रहता है !

03 . जो काल की चाल को बदल देता है !

04 . जिसमे जोश के साथ होश भी है !

05 . जिसमे राष्ट्र के लिए बलिदान की आस्था है !

06 . जो समस्याओं का समाधान निकालता है !

07 . जो प्रेरक इतिहास रचता है !

08 . जो बातों का बादशाह नहीं बल्कि करके दिखाता है ! :- स्वामी विवेकानन्द ...

दोस्तों याद रहे 12 जनवरी को युवाओं के प्रेरणा स्रोत " स्वामी विवेकानन्द " जयंती दिवस होता है , और राष्ट्रीय युवा दिवस भी !

दोस्तों किसी भी देश का भविष्य युवाओं के हाथ में होता है इसलिए आप भारत के विकास,आध्यात्म , और युग पुरुषों को अपना आदर्श माने और खुद एक आदर्श पुरुष /महिला बनें !

Kushwaha with BJP

बाबू सिंह कुशवाहा द्वारा नितिन गडकरी को लिखा गया पत्र, जिसमें उन्होंने स्वयं को भाजपा से निलम्बित करने की माँग की है… कुशवाहा का आरोप है कि पिछड़े वर्ग के कोटे से मुस्लिम आरक्षण का विरोध करने के कारण ही उन पर यह तमाम "अत्याचार और अन्याय"(?) हो रहे हैं…

इसमें कुशवाहा ने लिखा है कि मेरे कारण भाजपा की साख खराब न हो इसलिए विभिन्न मामलों में मेरे बेदाग छूटने तक मुझे भाजपा से निलम्बित ही रखा जाए…
http://www.scribd.com/doc/77461134/Babu-Singh-Kushwaha-Letter-to-Sh-Nitin-Gadkari

इसमें आप कितनी सच्चाई देखते हैं? क्या यह पत्र भाजपा के बड़े नेताओं ने पार्टी की इज्जत बचाने के लिए कुशवाहा से लिखवा लिया है? बड़ा "कन्फ़्यूजन" है भाई… :) :)

स्वदेशी को अपनायें ! ( Be Indegenous )

मैं राष्ट्रद्रोही नहीं हूँ ( I am not a traitor ) - NATIONAL CRIME...A TRAITOR'S ACT ...

हम मात्र यह क्यों माने की नेता ही देश बेच रहे हैं ...यह क्रिकेटर जैसे Sachin Tendulkar & maximum cricketers like Dhoni ..Yuvraaj..zaheer....etc

राजीव भाई के बाद अब मेरी नज़र में भी कोई नेशनल हीरो नहीं है यह भी राष्ट्रद्रोह कर रहा है...ऐसे ही पैसे के लिए अपने ईमान तक को बेच देने वाले शाहरुख़, सलमान, अक्षय और इनकी जमात ...के सारे ही राष्ट्रद्रोही हैं....

आप पूछेंगें कैसे और क्यों ?

तो आइये हम आप को इसका मतलब बताते हैं ,

एक छोटा सा उदाहरण...पेप्सी और कोक जैसे सभी पेय पदार्थ जिनमें मात्र जहर और सिर्फ जहर ही है ---

Preperation Cost - approx 70 paisa
Market rate - approx 13 rupees / 300 ml
max carbon dioxide..and third class water...

जहाँ लगभग दो लाख ( 2,00,000) गाँव ( राजीव दीक्षित जी के अनुसार ) में पिछले 64 सालों पीने का पानी नहीं है और हमारे भारतीय लोग प्यास से तडपते हैं उसे देश में ये विदेशी कम्पनियाँ इस घटिया ज़हर को इतने दाम पर बेच रही है ....और ये बिके हुए व् राष्ट्रद्रोही लोग इनका माल बिकवाने में लगे हुए हैं...

जिसके लिए यह कम्पनियाँ इन्हें करोड़ों रुपयों की रिश्वत देती हैं ...और यदि आप में से भी कोई इन्हें पीता है तो आपसे हाथ जोड़ कर निवेदन है जाने अनजाने राष्ट्रद्रोह न करें....क्यूंकि हमारा असली शत्रु पाकिस्तान नहीं....हमारा असली शत्रु विदेशी कम्पनियाँ है और अमेरिका है ... अमेरिका की ये कम्पनियाँ हमारे देश का सत्यानाश करके हमें आर्थिक गुलाम बनाने में लगी हुई हैं...

क्योंकि पकिस्तान की तो पिछले चौंसठ सालों में वो आज तक अपनी कोई औकात ही नहीं बना पाया और आज भी अमेरिका ही इसे हथियार देकर भारत के खिलाफ खड़ा कर देता है ये भी विदेशी कम्पनियों का फण्ड है जो पाकिस्तान तक पहुँचता है ...तो कृपया इन विदेशी चीज़ों का संपूर्ण त्याग एव बहिष्कार करें और इनको बिकवाने वाले So called National heros ( तथाकथित नायकों ) का भी बहिष्कार करें.....मेरे हिसाब से सम्पूर्ण राष्ट्र में मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं और कोई व्यक्ति नहीं हो सकता...

स्वदेशी को अपनायें ! ( Be Indegenous )

भारत स्वाभिमान !

वन्देमातरम !